1 मई से बदले कई नियम: एलपीजी महंगा, ATM और क्रेडिट कार्ड चार्ज बढ़े, UPI में नया सिस्टम लागू
नई दिल्ली/देहरादून। मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। 1 मई से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, एटीएम और क्रेडिट कार्ड शुल्क में बदलाव सहित डिजिटल लेनदेन के नियमों में भी संशोधन किया गया है। इन नए नियमों का सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के खर्च और बजट पर पड़ेगा।
सबसे बड़ा झटका कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में देखने को मिला है। सरकार ने एकमुश्त करीब 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे होटल-रेस्तरां कारोबार के साथ-साथ शादी समारोह और बाहर खाना खाने वाले लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
डिजिटल भुगतान प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। यूपीआई के जरिए बड़े लेनदेन पर अब अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया लागू की गई है। इसके तहत भुगतान करते समय यूजर्स को अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन स्टेप से गुजरना होगा, जिससे लेनदेन थोड़ा जटिल हो सकता है, लेकिन सुरक्षा बढ़ेगी।
बैंकिंग सेक्टर में भी बदलाव लागू हुए हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने क्रेडिट कार्ड के लेट पेमेंट चार्ज में संशोधन किया है। अब 100 से 500 रुपये तक के बकाया पर 100 रुपये और 500 से 1000 रुपये तक के बकाया पर 500 रुपये का शुल्क लगेगा। वहीं, कुछ कार्ड्स पर वार्षिक शुल्क छूट पाने के लिए खर्च की सीमा भी बढ़ा दी गई है।
एटीएम से नकदी निकासी भी महंगी हो गई है। मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा पार करने के बाद अब प्रति निकासी शुल्क 21 रुपये से बढ़ाकर 23 रुपये कर दिया गया है। यह नियम शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू होगा।
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में भी सरकार ने सख्ती बढ़ाई है। अब इस क्षेत्र को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा और जिन गेम्स में पैसों का लेनदेन होता है, उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एक निगरानी तंत्र भी विकसित किया जा रहा है।
इसके अलावा एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए ओटीपी आधारित सिस्टम से गुजरना होगा। साथ ही ई-केवाईसी और ट्रैकिंग व्यवस्था भी लागू की जा रही है, ताकि गलत इस्तेमाल और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे हवाई यात्रियों को फिलहाल राहत मिली है।
इन सभी बदलावों को देखते हुए साफ है कि मई महीने की शुरुआत आम आदमी के लिए महंगाई और नियमों के लिहाज से कई नए बदलाव लेकर आई है, जिनका असर सीधे दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
