AI समिट में प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पिछले सप्ताह भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘शर्टलेस’ (बिना शर्ट) विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है। पुलिस ने चिब को तिलक मार्ग थाने में लगभग 15-20 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

प्रदर्शन 20 फरवरी 2026 को समिट के एग्जिबिशन हॉल में हुआ था। युवा कांग्रेस के करीब एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में प्रवेश किया और अचानक अपनी शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट्स पर प्रिंटेड स्लोगन और प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी-शर्ट्स लहराते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार पर ‘कंप्रोमाइज्ड’ होने का आरोप लगाया।

पुलिस ने घटना के तुरंत बाद चार युवा कांग्रेस नेताओं—कृष्णा हरि और कुंदन यादव (बिहार), नरसिम्हा यादव (तेलंगाना) और अजय कुमार (उत्तर प्रदेश)—को गिरफ्तार किया था। बाद में ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से तीन और कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया। उदय भानु चिब को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए पूछताछ के लिए 23 फरवरी को तिलक मार्ग थाने बुलाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिब ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया है।

युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और सरकार की नीतियों के खिलाफ वैध विरोध बताया था। उदय भानु चिब ने पहले कहा था कि यह “पीसफुल प्रोटेस्ट” था और पार्टी जांच में सहयोग करेगी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने वैश्विक आयोजन को अपनी “गंदी और नंगी राजनीति” का मंच बना दिया, जो विचारधारात्मक दिवालियापन दर्शाता है।

बीजेपी उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने प्रदर्शन को “देश विरोधी” करार दिया। वहीं, कुछ विपक्षी दलों और सहयोगियों ने भी प्रदर्शन की शैली पर सवाल उठाए और इसे “अनुचित” तथा “शर्मनाक” बताया। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताते हुए गिरफ्तारी को “अवैध हिरासत” करार दिया। IYC के एक महासचिव ने कहा कि यह “अंग्रेजों जैसा शासन” है। प्रदर्शन के बाद तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान गेट पर मुस्तैद हैं। इलाके में आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है।

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