उत्तराखंड में गैस सिलेंडरों की किल्लत, पहले रोजाना मिलते थे 350, अब 8 दिन में मिले 190 सिलेंडर

देहरादून: वैश्विक एलपीजी संकट का असर अब उत्तराखंड में भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। राजधानी देहरादून से लेकर उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ तक कई गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

हालांकि सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

देहरादून में स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है। शहर की कई गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। कई उपभोक्ता एजेंसियों पर जमाखोरी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्हें ही पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

एजेंसी संचालकों के अनुसार सामान्य दिनों में एक गैस एजेंसी को प्रतिदिन करीब 350 गैस सिलेंडर की आपूर्ति होती थी। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पिछले आठ दिनों के दौरान केवल 190 सिलेंडर ही मिल पाए हैं। ऐसे में बढ़ती मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम पड़ रही है।

देहरादून की जाखन स्थित एक गैस एजेंसी का हाल भी कुछ ऐसा ही है। एजेंसी को पहले रोजाना लगभग 350 सिलेंडर मिलते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से अधिक समय में उन्हें महज 190 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए गए हैं। इसके चलते एजेंसी पर हर दिन उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रहती है और लोगों में यह चिंता बढ़ती जा रही है कि उन्हें समय पर गैस मिल पाएगी या नहीं।

इस पूरे मामले में जब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के सेल्स अधिकारी बृजमोहन सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कई बार कॉल करने के बावजूद उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में लोगों ने सरकार और संबंधित कंपनियों से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

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