बदरीनाथ धाम में अब धार्मिक और अस्थायी कार्यक्रम के लिए अनुमति जरूरी
चमोली। बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों और अस्थायी निर्माण पर अब नगर पंचायत की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नगर पंचायत बदरीनाथ द्वारा जारी तीन नई उपविधियों के तहत भागवत कथा, भंडारा और अन्य विशेष कार्यक्रम बिना अनुमति आयोजित करने पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगर पंचायत की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके अलावा, बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने या झुग्गी-झोपड़ी बनाने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।
- मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रतिबंध उपविधि, 2026 – क्षेत्र में मांस का सेवन और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित।
- झोपड़ी, अस्थायी आवास नियंत्रण एवं स्वच्छता उपविधि – झुग्गी-झोपड़ी बनाने से पहले अनुमति अनिवार्य, और नियमित रूप से शौचालय निर्माण करना भी जरूरी।
- भंडारा, भागवत कथा एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि – धार्मिक आयोजन केवल अनुमतियों के साथ ही संभव होंगे।
नगर पंचायत ने इन उपविधियों के साथ यूजर चार्ज की व्यवस्था भी की है ताकि व्यवस्थाएं और नियंत्रण सुनिश्चित किए जा सकें। ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उपविधियां लागू कर दी जाएंगी। नगर पंचायत ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि बीते वर्षों में क्षेत्र में कुछ मजदूर मांस के साथ पकड़े गए थे, अब इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नगर पंचायत की यह नई व्यवस्था मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि इन नियमों के बावजूद तीर्थयात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। सभी नियम और उपविधियां यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनाने के लिए हैं।
