कोटद्वार में बाहर से आने वाले नेताओं और मीडिया पर बैन, पुलिस अलर्ट, यूपी की सीमा से लौटाए जा रहे वाहन
कोटद्वार। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक के नाम को लेकर उपजे विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत कुछ प्रमुख राजनीतिक शख्सियतों के यहां पहुंचने की खबरों के बीच पौड़ी पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को जांच के बाद लौटाया जा रहा है। मीडिया को भी रोका जा रहा है। एसएसपी पौड़ी ने मोर्चा संभालते हुए पुलिस अधिकारियों को ब्रीफ किया है। शहर में पुलिस बल पैदल मार्च कर रहा है और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नाम बदलने से शुरू हुआ घमासान
कोटद्वार में दीपक कुमार द्वारा खुद को मोहम्मद दीपक कहने के बाद से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज के लोग और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के विपक्षी दलों के नेता दीपक का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं के सोशल मीडिया पर ट्वीट करने से मामला और गरमा गया है। राहुल गांधी ने इस घटना को धार्मिक भेदभाव का उदाहरण बताते हुए सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ गई हैं।
तीन मुकदमे दर्ज, दोनों पक्षों पर कार्रवाई
- पहला मुकदमा: दुकानदार वकील अहमद की शिकायत पर बजरंग दल के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किया गया। इसमें दावा किया गया कि बजरंग दल के लोगों ने विवाद को भड़काया।
- दूसरा मुकदमा: बजरंग दल कार्यकर्ता कमलपाल की ओर से दीपक उर्फ अक्की (मोहम्मद दीपक), कांग्रेस नेता विजय रावत समेत अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज। इसमें आरोप है कि दीपक और उसके समर्थकों ने उकसावा दिया।
- तीसरा मुकदमा: बाजार चौकी इंचार्ज विनोद कुमार की ओर से देहरादून और हरिद्वार से हंगामा करने आए बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज। पुलिस का कहना है कि ये लोग शांति भंग करने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये मुकदमे दोनों पक्षों पर निष्पक्ष कार्रवाई दर्शाते हैं, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
समर्थकों के आने से बिगड़ सकता है माहौल
पुलिस को आशंका है कि यदि बजरंग दल की तर्ज पर दीपक के समर्थक भी कोटद्वार पहुंचे, तो स्थिति बेकाबू हो सकती है। इसी वजह से यूपी बॉर्डर पर सख्ती बरती जा रही है। हरिद्वार पुलिस भी कोटद्वार प्रकरण पर नजर रखे हुए है और सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। भीम आर्मी संगठन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। हाल ही में हरिद्वार में मोहम्मद दीपक के समर्थन में उतरे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस हुई, जिसके बाद कुछ को हिरासत में लिया गया। वहीं, हल्द्वानी में भीम आर्मी ने फर्जी मुकदमे के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।
जांच और अफवाहों पर सख्ती
पौड़ी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एसएसपी पौड़ी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” देहरादून से स्पेशल रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘बाबा’ के नाम पर राजनीतिक मंच तैयार हो रहा है, जो विवाद को और बढ़ा सकता है।
यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, जहां धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे अक्सर उभरते रहते हैं। पुलिस प्रशासन की सतर्कता से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आने वाले दिनों में राजनीतिक हस्तियों के दखल से माहौल और गर्माने की आशंका बनी हुई है।
