उत्तराखंड में अगले 7 दिनों के लिए वनाग्नि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी, 13 जिलों में आग लगने का उच्च खतरा
देहरादून : उत्तराखंड में वनाग्नि का खतरा बढ़ते हुए मौसम विभाग और वन विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। यह अलर्ट आज दोपहर 3:01 बजे से शुरू होकर 12 फरवरी को दोपहर 3:01 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रदेश के 13 जिलों के कई क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की संभावना बहुत अधिक बताई गई है।
अलर्ट वाले जिले
अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी।
अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र
वन विभाग ने विशेष रूप से पीपलकोटी, दसवां, तरतोली, सांजी, गौहाना और अंगथला जैसे क्षेत्रों को अति संवेदनशील घोषित किया है, जहां आग फैलने का जोखिम सबसे ज्यादा है।
कारण और चेतावनी
हाल के सूखे मौसम, कम नमी और पिछले कुछ महीनों में असामान्य रूप से जंगल आग की घटनाओं के मद्देनजर यह अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग के अनुसार, सर्दियों में ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, जो आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकती हैं।
जनता से अपील
- जंगलों के आसपास आग न जलाएं।
- जलती बीड़ी, सिगरेट या माचिस का इस्तेमाल न करें।
- किसी भी तरह की आग या संदिग्ध धुंआ दिखाई देने पर तुरंत निकटतम वन कार्यालय, पुलिस या आपातकालीन नंबर (112) पर सूचना दें।
सुरक्षा उपाय
वन विभाग ने फायर लाइन तैयार करने, कंट्रोल बर्निंग और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में पहले से ही वनाग्नि प्रबंधन के लिए विशेष टीमें तैनात हैं। यह अलर्ट उत्तराखंड के पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वनाग्नि न केवल वन संपदा को नष्ट करती है बल्कि वन्यजीवों, स्थानीय निवासियों और पर्यावरण को भी गंभीर खतरा पैदा करती है। लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और सहयोग करें।
