राम मंदिर को आज मिल सकता है पहला सीईओ, ट्रस्ट की बैठक में होगा फैसला

अयोध्या। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक बुधवार को मणिरामदास जी की छावनी में शाम चार बजे प्रस्तावित है। बैठक में राम मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। करीब दो माह तक चली चयन प्रक्रिया के बाद चयन समिति ने तीन अभ्यर्थियों का पैनल तैयार किया है। समिति ने यह पैनल मंगलवार को ट्रस्ट को सौंप दिया।

अब अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। ऐसे में राम मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामकाज के लिए प्रस्तावित सीईओ के नाम को लेकर सभी की निगाहें ट्रस्ट के फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि सीईओ की नियुक्ति के बाद मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन में और अधिक स्पष्टता तथा संस्थागत व्यवस्था विकसित होगी।

तीन नामों के पैनल पर होगा मंथन

सीईओ के चयन के लिए गठित समिति ने विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया है। मंगलवार को यह पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया गया। बुधवार को होने वाली बैठक में इन नामों पर चर्चा के बाद अंतिम नाम पर मुहर लगने की संभावना है।

सीईओ की नियुक्ति को राम मंदिर के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर निर्माण के साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, व्यवस्थाओं के विस्तार और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए ट्रस्ट में एक पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

चढ़ावा चोरी मामले की जांच की भी होगी समीक्षा

ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर परिसर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी के मामले की जांच की भी समीक्षा की जाएगी। बैठक में अब तक हुई जांच, सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा होने की संभावना है। चढ़ावे और मंदिर की संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।

ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी चर्चा

बैठक के एजेंडे में ट्रस्ट के विलेख (ट्रस्ट डीड) में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है। बैठक के दौरान इस संबंध में प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हालांकि संशोधन का अंतिम स्वरूप ट्रस्ट की बैठक में होने वाले विचार-विमर्श के बाद ही स्पष्ट होगा।

कई प्रमुख सदस्य अयोध्या पहुंचे

बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, सदस्य शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद और सदस्य युगपुरुष स्वामी परमानंद मंगलवार को ही अयोध्या पहुंच गए। वहीं ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास, अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन, सदस्य महंत दिनेंद्रदास और पदेन सदस्य जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी पहले से अयोध्या में मौजूद हैं।

ट्रस्ट के अन्य प्रमुख सदस्यों के भी बैठक में शामिल होने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन, प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद, सीबीएसई के चेयरपर्सन एवं ट्रस्ट के केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे तथा मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ सकते हैं।

सीईओ की नियुक्ति पर टिकी नजर

राम मंदिर के निर्माण कार्य के अंतिम चरण और मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच ट्रस्ट की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीईओ की नियुक्ति के साथ मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा चढ़ावा चोरी मामले की जांच की समीक्षा और ट्रस्ट डीड में संभावित संशोधन के कारण भी बैठक के फैसलों पर विशेष नजर रहेगी।

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