केदारताल हिमस्खलन हादसा: चार की मौत, पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर्स समेत लापता लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित दुर्गम केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में अब तक चार पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लापता ट्रैकर्स की तलाश के लिए एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा जिले के साल्बनी गांव के चार युवक लापता हैं। इनके साथ पड़ोसी गांव केशरा निवासी एक अन्य युवक भी केदारताल ट्रैक पर गया था, जो पिछले कई दिनों से लापता है। लापता लोगों के परिजनों के अनुसार, ये सभी ट्रैकिंग के शौकीन थे और इससे पहले भी देश के विभिन्न दुर्गम ट्रैक पर कई बार साथ जा चुके थे।
लापता ट्रैकर्स में साल्बनी गांव निवासी तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), रिंटु मंडल (40), उदय घोष (30) और केशरा गांव निवासी उनके मित्र मनोज खोवास (39) शामिल हैं। रेस्क्यू अभियान के दौरान दो पुरुष ट्रैकर्स के शव बरामद किए गए हैं, लेकिन उनकी शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बरामद दोनों शव पश्चिम बंगाल के इन पांच लापता लोगों में से किसी के हैं या नहीं।
लापता रिंटु मंडल के परिजनों ने बताया कि वह और उनके साथी पहले भी कई बार एक साथ ट्रैकिंग के लिए जा चुके थे। रिंटु एक फैक्टरी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनके साथ ट्रैक पर गए तीन अन्य साथी भी उसी फैक्टरी से जुड़े थे। सभी लोग छुट्टी लेकर उत्तराखंड के प्रसिद्ध और चुनौतीपूर्ण केदारताल ट्रैक पर पहुंचे थे।
लखनऊ की दो सगी बहनों की भी गई जान
इस दर्दनाक हादसे में लखनऊ की दो सगी बहनों की भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान गायत्रीपुरम, लखनऊ निवासी दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा के रूप में हुई है। दोनों बहनें ट्रैकिंग की शौकीन थीं और लंबे समय से पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग करती आ रही थीं।
बताया गया कि दोनों बहनों ने करीब दो माह पहले चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी का ट्रैक भी पूरा किया था। केदारताल ट्रैक पर उनके फंसने की सूचना मिलने के बाद उनके भाई अतुल वर्मा भी तलाश के लिए पहुंचे थे। शव बरामद होने के बाद उन्होंने अपनी बहनों की शिनाख्त की और परिवार को इस दुखद खबर की जानकारी दी।
अब तक चार शव बरामद, अन्य की तलाश जारी
केदारताल ट्रैक पर फंसे और लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए पिछले कई दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें दो महिला ट्रैकर्स की पहचान लखनऊ निवासी सगी बहनों दीपिका और वर्तिका वर्मा के रूप में हो चुकी है, जबकि दो अन्य पुरुषों के शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
बताया गया कि ट्रैकर्स कच्ची ढांग के समीप हिमस्खलन और इसके बाद हुई बर्फबारी के कारण दुर्गम क्षेत्र में फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद से ही एसडीआरएफ और निम की टीमें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
बुधवार दोपहर बाद क्षेत्र में दोबारा बर्फबारी शुरू होने से रेस्क्यू अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। मौसम अनुकूल होने पर गुरुवार को लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान फिर शुरू किया गया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि बरामद महिला शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य शवों की शिनाख्त की कार्रवाई जारी है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लापता पर्वतारोहियों को तलाशने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
केदारताल ट्रैक पर हुआ यह हादसा एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग के दौरान मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़े खतरों की गंभीरता को सामने लेकर आया है। दुर्गम इलाके में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन पर अब लापता ट्रैकर्स के परिजनों की निगाहें टिकी हुई हैं।

